Sunday, 25 February 2018


                               जीवन

"जीवन"  क्या  है  यह  सवाल  हर  किसी  के  मन  मे  घर  बनाये  हुए  है  जिसका  जवाब  कोई  नही  दे सकता और  ना  ही  इसकी  कोई  परिभाषा  बता  सकता  है,  जिसके  मन  मे  जो  आया  उसने जीवन  को  वेसे परिभाषित  कर  दिया,  हम  सब  मंदिर  मे  जाकर  भगवान  से  एक  ही  सवाल  पूछते  है  की  तूने  मुझे ग़रीब  क्यो  बनाया,  क्या  ग़लती  थी  मेरी,  कोनसा  पाप  किया  था  मैने  जो  मुझे  एसे  हालात का सामना करना  पड़  रहा  है.  बुरा  मत  मानीएगा  दोस्तो  ग़रीबी  मे  पैदा  होना  हमारे  हाथ  मे  नही  है लेकिन ग़रीबी मे  ही  मर  जाना  ये  हमारे  लिए  बड़े  शर्म  की  बात  है.      







हमारा  जन्  ग़रीबी  मे  तो  हो  सकता  है  लेकिन  हम  केसे  मरना  चाहते  है  ये  सिर्फ़  हम  पर  निर्भर है,  अगर  हम  ग़रीब  है  तो  इसका  कारण  कोई  और  नही  सिर्फ़  हम  हैजीवन  का  एक  कड़वा  सच जो  ग़लती  सौ  मे  से  निन्यन्बे  लोग  करते  है  और वो  ये  है  की  हम  किसी  दूसरे  का  इंतजार  करते है  की  वो  मेरी  जिंदगी  मे  आएगा  और  मेरी  जिंदगी  बदल  देगा.




लेकिन  ऐसा  सौ  मे  से  किसी  एक  के  साथ  ही  होता  है  और  वह  एक  वो  होता  है  जिसकी  जिंदगी या  तो  कोई  लड़की  बदल  देती  है  या  कोई  लड़का  या  फिर  लौटरी  लगती  है  अगर  वो  किस्मत  को  आजमाता  है  तो  या  फिर  घर  का  ही अमीर हो, और हम इसी इंतजार मे अपना जीवन बिता देते है और फिर भगवान को या अपनी किस्मत को दोष देते है.



                     
दोस्तो हर इंसान अपनी जिंदगी मे बड़ा बनना चाहता है और वो इसीलिए दिन रात मेहनत करता है, आप उस इंसान से एक सवाल पूछना की तुम ये सब किसके लिए कर रहे हो तो उसका जवाब होगा "अपने मा-बाप के लिए या फिर अपने बच्चो के लिए" और जब बच्चे बड़े हो जाएगे तब उनसे यही  सवाल पूछोगे तो उनका भी यही जवाब होगा लेकिन सोचने की बात ये है की इंसान खुदके लिए कब जिएगा? और यही आम आदमी का जीवन है, इसिलिये लोग ग़रीब रह जाते है, जीवन एसे ही बीतता चला जाता है और कब बुढ़ापा आकर चला जाए और कब उसका दिल धड़कना बंद कर दे ! ये कोई नही जानता. 

                             

                            प्रेम

"प्रेम" सिर्फ़ ढाई अक्षर है, ये जितना सुनने मे अच्छा लगता है उतना ही कड़वा है, ये जितना सुख देता है उतना ही दुख देता है, ये जितना करने मे अच्छा लगता है उतना ही निभाने मे तकलीफ़ देता है, किसी के तन को या मन को देखकर हम प्रेम की शुरूवात तो कर देते है लेकिन उसका अर्थ नही समझ पाते और जैसे जैसे वक्त बीतता है हम इसकी गहराई मे डूबते चले जाते है, क्या अच्छा है और क्या बुरा हम नही समझ पाते. दुनिया मे बहुत कम लोग होते है जिन्हे उनका प्यार मिलता है बाकी सब को दुरीओ का सामना करना पड़ता है.



                                  

किसी ने सच ही कहा है जब इंसान को किसी से प्रेम हो जाता है तब दुनिया खूबसूरत लगने लग जाती है, दिन का चैन और रात की नींद उड़ जाती है, रात रात भर नींद नही आती और दिन निकलने का इंतजार करते रहते है, 


                           
प्यार का नशा ही कुछ और होता है जब किसी के साथ होता है लेकिन जब झगड़ा या लड़ाई होती है तब भी एसा ही हाल होता है रात को नींद नही आती, भूक नही लगती, किसी से बात करने का दिल नही करता, कोई काम करने का मन नही होता, और जब ऐसा होता है तब समझ जाइएगा की यही सच्चा प्यार है.

No comments:

Post a Comment

Exploring the Best Tourist Places in Balaghat: A Hidden Gem in Madhya Pradesh

Nestled in the heart of Madhya Pradesh,   Balaghat   is a mesmerizing destination that blends natural beauty, wildlife sanctuaries, historic...